समाचार
2014 से अब तक लगभग 4.28 करोड़ गलत राशन कार्ड रद्द- केंद्र का संसद में जवाब

केंद्र सरकार ने शुक्रवार (10 दिसंबर) को कहा कि लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) सुधारों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग से गत 7 वर्षों में लगभग 4.28 करोड़ फर्जी राशन कार्ड रद्द किए गए।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि परिवारों या लाभार्थियों को सम्मिलित करने और बाहर करने की परिचालन संबंधी जिम्मेदारियाँ संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों की होती हैं।

मंत्री ने कहा, “राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सत्यापन के बाद संभावित अपात्र, प्रतिरूप या गलत राशन कार्डों की पहचान करने और उन्हें बाहर निकालने के लिए नियमित रूप से राशन कार्ड लाभार्थियों की सूची की समीक्षा की।”

उन्होंने कहा, “राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने 2014 से 2021 की अवधि में अब तक लगभग 4.28 करोड़ गलत राशन कार्ड रद्द करने की सूचना दी है।”

खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री ने बताया कि राशन कार्ड के साथ आधार को ना जोड़ने पर राशन कार्ड रद्द करने का कोई आधार नहीं है। राशन कार्डों को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया को पूरा करने हेतु राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को दी गई समयसीमा 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दी है।

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि टीपीडीएस के तहत उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) उपकरण एफपीएस डीलरों द्वारा संचालित किए जाते हैं।

मंत्री ने जानकारी दी कि अलग-अलग सक्षम और वृद्ध राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु, जिनके घर में कोई अन्य वयस्क सदस्य नहीं है और जो एफपीएस का दौरा करने में अक्षम हैं, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ऐसे लाभार्थियों को या तो घर में आपूर्ति या उनके नामित व्यक्तियों के माध्यम से खाद्यान्न विशेष वितरण के लिए तंत्र को लागू करने की सलाह दी।