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आप सरकार ने विफलता को छिपाने हेतु यमुना किनारे छठ उत्सव पर रोक लगाई- भाजपा

दिल्ली भाजपा ने बुधवार को केजरीवाल की आप सरकार पर पुनः हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह यमुना नदी के किनारे छठ उत्सव पर प्रतिबंध लगा रही है, ताकि नदी की सफाई को लेकर अपनी विफलता छुपा सके।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दावा किया कि यमुना ने शहर के अपने 22 किलोमीटर के रास्ते में औद्योगिक निर्वहन और सीवेज से प्रदूषण को 80 प्रतिशत बढ़ाया है।

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अरविंद केजरीवाल जी आपकी आप सरकार की नदी की सफाई में विफलता को छिपाने के लिए यमुना तट पर छठ पर प्रतिबंध लगा दिया है।”

उत्तर पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी यमुना में भारी प्रदूषण को लेकर आप सरकार को फटकार लगाई।

मनोज तिवारी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “केजरीवाल सरकार नजफगढ़ जैसे नालों के बहाव को रोकने की बजाय लोगों को नदी के किनारे छठ मनाने से रोक रही है। सर्वोच्च न्यायालय को स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए केजरीवाल सरकार के साथ अपराधी की तरह व्यवहार करना चाहिए।”

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने 30 सितंबर को एक आदेश में यमुना के किनारे सहित सार्वजनिक स्थानों पर छठ लगाने पर रोक लगा दी। हालाँकि, भाजपा द्वारा प्रतिबंध के विरोध के बाद डीडीएमए ने 29 अक्टूबर को अपने आदेश में यमुना के किनारे को छोड़कर निर्दिष्ट स्थलों पर छठ समारोह की अनुमति दी।

इसने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को अपने सभी कोविड-19 से संबंधित आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

राष्ट्रीय राजधानी में पूर्वांचल के निवासियों के बीच लोकप्रिय छठ का त्योहार बुधवार शाम को डूबते सूर्य को नमन (अर्घ्य) के साथ मनाया जाएगा। इसका समापन गुरुवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा।