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मैनपुरी में मिले 4,000 वर्ष पुराने तांबे के हथियार, द्वापर युग के होने का लगा अनुमान

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक खेत के नीचे से पुराने तांबे के हथियार बरामद किए गए। बताया जा रहा कि ये लगभग 4,000 वर्ष पुराने हैं।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस माह की शुरुआत में मैनपुरी के गणेशपुर गाँव में एक किसान अपने दो बीघा खेत को समतल कर रहा था, तभी उसे मिट्टी के नीचे तांबे की तलवारों सहित कई हथियार मिले। वह सभी को सोने-चांदी की बहुमूल्य वस्तुएँ समझकर घर ले आया था।

हालाँकि, स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। जानकारी मिलते ही एएसआई भी हरकत में आ गया। प्राप्त किए हथियारों में कई तरह की तलवारें थीं, जिनमें नीचे की तरफ हुक बने थे। इस वजह से पुरातत्वविद् इन्हें एंटेना तलवारें और शिकार करने वाला भाला कर रहे थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि हथियार 4,000 वर्ष पुराने हो सकते हैं और उनका संबंध द्वापर युग से हो सकता है।

गिनती करने पर तांबे के 39 हथियार पाए गए हैं, जिन्हें पुरातत्व विभाग को सौंप दिया गया है। एएसआई के पुरातत्व निदेशक भुवन विक्रम ने कहा, “तांबे का खजाना ताम्रपाषाण काल ​​(तांबा युग) का है और गेरू रंग के बर्तनों (ओसीपी) की उपस्थिति सीधे इस समय से जुड़ी हुई है।”

उन्होंने कहा, “कांस्य हड़प्पा की एक विशेषता थी। मूल रूप से तांबे के युग के दौरान एक शहरी सभ्यता लेकिन अध्ययनों से पता चला कि इस तरह की सामग्री मुख्य रूप से तांबे से बनी होती थी, कांस्य से नहीं।”

एएमयू के इतिहासकार और पुरातत्वविद् प्रो मानवेंद्र पुंधीर ने बताया, “ऐसा लगता है कि ये हथियार उन बड़े समूहों के योद्धाओं के हैं, जिन्होंने युद्ध किया था या फिर इनको शिकार के लिए उपयोग किया जाता था। निष्कर्ष बताते हैं कि तांबे के युग के दौरान युद्ध आम था लेकिन इस पर और भी शोध करने की आवश्यकता है।”