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आईपीओ के लिए 2022 होगा सबसे बड़ा वर्ष, 2 लाख करोड़ रुपये जुटाने का है अनुमान

आईपीओ के लिए 2022 अब तक का सबसे बड़ा वर्ष होने जा रहा है क्योंकि सार्वजनिक होने वाली कंपनियों द्वारा कुल संग्रह लगभग 2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

हिंदू बिज़नेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यह आँकड़ा 2021 में 65 कंपनियों के आईपीओ द्वारा एकत्रित 1.31 लाख करोड़ रुपये की तुलना में इस वर्ष के अनुमानित संग्रह को लगभग 35 प्रतिशत अधिक बना देगा।

नए जमाने की प्रौद्योगिकी कंपनियों और कुछ अनुभवी दिग्गजों के इस कैलेंडर वर्ष में प्राथमिक बाज़ार में प्रवेश करने की अपेक्षा है।

लगभग 35 कंपनियों को 2022 में सार्वजनिक होने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है।

सामूहिक रूप से उन्हें बाजार से 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की अपेक्षा है, जबकि अन्य 33 कंपनियों को एक साथ 60,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए नियामक की स्वीकृति की प्रतीक्षा है।

अनुमानित संग्रह का एक बड़ा हिस्सा जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ के माध्यम से आने वाला है। इससे सरकार को 70,000 करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये के मध्य राशि जुटाने की अपेक्षा है।

यहाँ तक ​​कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) भी इस वर्ष लगभग 10,000 करोड़ रुपये की बड़ी पेशकश के साथ सार्वजनिक हो सकता है। अन्य कंपनियाँ, जो 2022 में अपना आईपीओ लॉन्च करने वाली हैं, उनमें अडानी विल्मर, एमक्योर फार्मा, गोएयर, जेमिनी एडिबल्स आदि सम्मिलित हैं।