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राहुल की ‘नाश्ते वाली राजनीति’ में आए 17 में से 14 विपक्षी दल, संसद तक साइकिल मार्च

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए मंगलवार (3 जुलाई) सुबह बैठक बुलाई, जिसे ‘नाश्ते वाली राजनीति’ का नाम दिया गया। उन्होंने इसमें 17 विपक्षी दलों की न्योता दिया था, जिसमें से 14 ही सम्मिलित हुए। इसके बाद विपक्षी दलों के नेता अपनी एकता को दिखाते हुए साइकिल मार्च करके संसद तक पहुँचे।

ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद नहीं पहुँचे थे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, सीपीएम, आईयूएमएल, आरएसपी, केसीएम, नेशनल कॉन्फ्रेंस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और डीएमके के नेता सम्मिलित हुए।

बैठक में राहुल गांधी ने कहा, “विपक्षी पार्टियाँ आपस में बहस कर सकती हैं। पेट्रोल-डीज़ल के मामले पर हम सभी को आवाज़ उठानी चाहिए।” कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा, “सरकार हमारी आवाज़ नहीं सुन रही। हमें सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़नी होगी।”

कहा जा रहा है कि विभिन्न विपक्षी दलों के साथ बैठक में पेगासस मामला, किसान आंदोलन, महंगाई को लेकर मोदी सरकार को घेरने को लेकर रणनीतियाँ बनाई गईं। साथ ही सपा ने यूपी चुनाव को लेकर भी कांग्रेस से वार्ता की।