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गत सत्र में अनुशासनहीनता करने वाले 12 सांसद शीतकालीन सत्र के पहले दिन निलंबित

पिछले सत्र में अनुशासनहीनता करने वाले राज्यसभा के 12 सांसदों को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को  शेष बचे हुए पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के छह, तृणमूल कांग्रेस व शिवसेना के दो-दो और सीपीआई का एक सांसद सम्मिलित है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अनुशासनहीनता के मामले में 12 सांसदों के निलंबन के बाद विपक्षी दलों ने मंगलवार को राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में एक बैठक बुलाई है।

निलंबित होने वाले सांसदों में सीपीएम के एलामारम करीम, कांग्रेस की फूलो देवी नेतम, छाया वर्मा, आर बोरा, राजामणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन व अखिलेश प्रसाद सिंह, टीएमसी की शांता छेत्री व डोला सेन, सीपीआई के विनय विश्वम, शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई निलंबित कर दिए गए। 11 अगस्त को हुए हंगामे को लेकर ये कार्रवाई की गई है।

इन सांसदों को सदन की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया कि इन्होंने राज्यसभा के 254वें सत्र के आखिरी दिन हिंसक व्यवहार किया था। सुरक्षाकर्मियों पर जानकर हमले किए थे। इन्होंने सदन के नियमों को तार-तार किया और कार्यवाही में बाधा पहुँचाई थी।

उधर, विपक्ष ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के नेता एकजुट होकर निलंबन की निंदा करते हैं। राज्यसभा के विपक्षी दलों की बैठक में सरकार के सत्तावादी निर्ण का विरोध करने और संसदीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए भविष्य की कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया जाएगा।