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2014 में स्वच्छ भारत अभियान शुरू होने के बाद गाँवों में 10.9 करोड़ शौचालय बनाए गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अक्टूबर 2014 में प्रमुख स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) (एसबीएम (जी)) के शुभारंभ के बाद से ग्रामीण भारत में लगभग 10.9 करोड़ व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) का निर्माण करवाया गया। इसका मुख्य उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) बनाना है।

एसबीएम (जी) के अंतर्गत परिवारों को वर्तमान में शौचालय के निर्माण और हाथ धोने व शौचालय की सफाई के लिए पानी के भंडारण की सुविधा हेतु प्रोत्साहन मिलता है।

केंद्र ने एसबीएम (जी) की प्रभावशीलता जानने हेतु विश्व बैंक द्वारा समर्थित एक स्वतंत्र सत्यापन एजेंसी के माध्यम से 2017-18 और 2019-20 के मध्य राष्ट्रीय वार्षिक ग्रामीण स्वच्छता सर्वेक्षण (एनएआरएसएस) के तीन दौर आयोजित किए थे।

इसके प्रमुख संकेतकों में से एक शौचालय के उपयोग के लिए पानी की उपलब्धता थी। एनएआरएसएस 2019-20 के परिणामों के अनुसार, जिन घरों में शौचालय की सुविधा थी, उनमें से 99.6 प्रतिशत घरों में पानी की उपलब्धता थी और ग्रामीण आबादी के 95.2 प्रतिशत जिनके पास शौचालय था, वे इसका उपयोग कर रहे थे।

अन्य राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश ने 2.22 करोड़ से अधिक ग्रामीण शौचालयों का निर्माण करवाया, जबकि बिहार ने ग्रामीण घरों में 1.22 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण करवाया। अलग-अलग राज्य एसबीएम के एक ऑनलाइन एकीकृत प्रबंधन सूचना प्रणाली (आईएमआईएस) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में निर्मित शौचालयों की संख्या की जानकारी देते हैं।

राज्यवार आँकड़े

अंडमान व निकोबार 22,378
आंध्र प्रदेश 42,71,773
अरुणाचल प्रदेश 1,44,608
असम 40,05,740
बिहार 1,21,26,567
छत्तीसगढ़ 33,78,655
दादरा व नगर हवेली और दमन व दीव 21,906
गोवा 28,637
गुजरात 41,89,006
हरियाणा 6,89,186
हिमाचल प्रदेश 1,91,546
जम्मू-कश्मीर 12,61,757
झारखंड 41,29,545
कर्नाटक 46,31,316
केरल 2,39,360
लद्दाख 17,241
मध्य प्रदेश 71,93,976
महाराष्ट्र 67,93,541
मणिपुर 2,68,348
मेघालय 2,64,828
मिजोरम 44,141
नागालैंड 1,41,246
ओडिशा 70,79,564
पुदुचेरी 29,628
पंजाब 5,11,223
राजस्थान 81,20,658
सिक्किम 11,209
तमिलनाडु 55,11,791
तेलंगाना 31,01,859
त्रिपुरा 4,40,514
उत्तर प्रदेश 2,22,10,649
उत्तराखंड 5,24,076
पश्चिम बंगाल 74,49,451
कुल 10,90,45,923